Who is Nimisha Priya: आजकल चारो तरफ सोशल मीडिया से लेकर मीडिया चैनल तक हर जहग निमिषा प्रिया का ही नाम एक चर्चा हो रहा है आखिर ऐसा क्या हुआ है और कौन है निमिषा प्रिया जिसके कारण उन्हें सब जगह चर्चा किया जा रहा है क्योंकि यमन सरकार ने उन्हें फांसी की सजा सुना दी है I आइये पूरी बात को विस्तार से जानते है की आखिर ऐसा क्या हुआ है
Who is Nimisha Priya?
निमिषा प्रिया केरल के पलक्कड़ में जन्मी एक भारतीय नर्स जिन्होंने वर्ष 2011 में अपनी नर्सिंग पूरा करने के बाद जॉब करने के लिए यमन चली गई थी I उसके माता-पिता एक दिहाड़ी मजदुर थे जिन्होंने बहुत मेहनत करके अपनी बेटी को नर्सिंग का कोर्स करवाया था I उसकी माता जी का नाम प्रेमा देवी और पति का नाम रोमी थॉमस है उनके पिता जी का नाम अभी तक मालूम नही हुआ है I
यमन क्यों गई निमिषा प्रिया?
वर्ष 2011 में निमिषा प्रिया ने अपना नर्सिंग कोर्स पूरा करके अपने परिवार को अच्छी सुविधा देने के लिए और ज्यादा रूपया कमाने के मकसद से भारत को छोड़कर यमन देश गई I
खुद का क्लिनिक खोलने का निर्णय
निमिषा प्रिया ने शुरुवात में कई हॉस्पिटल में काम किया इसके अलावा कई क्लिनिक में भी काम किया लेकिन उन्हें लगा की अगर हम दुसरो के लिए इतना काम कर रहे है खुद के लिए किया जाये तो कितना बढ़िया होगा यही सोचकर 2014 में उन्होंने खुद का क्लिनिक खोलने का निर्णय लिया I लेकिन वह एक समस्या थी की कोई बहार आ व्यक्ति खुद का क्लिनिक नही खोल सकता है इसलिए निमिषा प्रिया ने वहाके लोकल दलाल अल मंहदी के साथ एक समझौता किये की दोनों शेयर में काम को शुरू करेंगे और वर्ष 2015 में दोनों ने मिलकर क्लिनिक खोल भी दिए I
ऐसा क्या हुआ जिसके कारण दलाल अल मंहदी को निमिषा प्रिया ने जेल भेजवा दिया ?
शुरू में सबकुछ बहुत बढ़िया से दोनों मिलकर काम कर रहे थे और बढ़िया बेनफीट ले रहे थे और सबकुछ बढ़िया चल रहा था I लेकिन कुछ ही दिनों बाद दलाल अल मंहदी ने निमिषा प्रिया को शेयर देना माना करने लगा और उसके साथ बतमीजी और प्रताड़ित करने लगा इससे परेशान होकर उन्होंने पुलिस में इसका शिकायत किया की दलाल अल मंहदी उसके साथ बतमीजी और प्रताड़ित कर रहा है तब पुलिस उन्हें उठा कर ले गई लेकिन कुछ ही दिन बाद वह जेल से फिर छूटकर वापस आ गया I
निमिषा प्रिया ने 2017 में घर वापस आने का निर्णय लिया
निमिषा प्रिया ने साल 2017 में अपने घर वालो से मिलने के लिए भारत में आने का निर्णय किया लेकिन दलाल अल मंहदी ने उसके पासपोर्ट और अन्य कागज को छुपाकर रख लिया था ताकि निमिषा प्रिया कुछ कर न सके और भारत वापस न जा सके I तब निमिषा ने वहां के एक जेल के एक लोकल वार्डन से दोस्ती करके भारत वापस जाने का उपाय पूछी तब वह जेल के वार्डन ने ही सुझाव दिया की जब दलाल अल मंहदी सोयेगा तो मौका देकर उन्हें बिहोस कर देना उसके बाद अपने जरुरी कागज और पासपोर्ट को लेकर भारत वापस चले जाना I
उन्ही का बात मानकर निमिषा ने उन्हें बिहोस होने का एक इंजेक्शन लगा दी लेकिन दवाई के ओवरडोज़ के कारण दलाल अल मंहदी की मौत हो गई और निमिहा प्रिया इस केश में दोषी पाई गई और वर्ष 2017 में उन्हें जेल हो गई और वर्ष 2020 में उन्हें फांसी की सजा सुना दी गई और वहां के सुप्रीम जुडिसियल काउंसिल ने भी इसमें अंतिम मुहर लगा दी I
Blood Money क्या होता हैं ?
निमिषा प्रिया को फांसी की सजा तो सुना दिया गया लेकिन यमन देश में एक सिस्टम बना हुआ है की अगर कोई भी हत्या जानबूझकर न की गई हो तो पीड़ित परिवार को मुवाजा के रूप में अगर पीड़ित परिवार मुवाजा लेने के लिए तैयार है तो देकर फांसी की सजा को माफ़ करवाया जा सकता हैं यही मुवाजा यमन देश में Blood Money के नाम से जाना जाता है I
निमिषा के परिवार वाले Blood Money के रूप में दलाल अल मंहदी के परिवार वालो को 8.5 करोड़ देने का वादा भी कर चुके है लेकिन अभी तक पीड़ित परिवार सहमत नही हुआ हैं I
निमिषा ने इंटरव्यू में क्या कहा ?
निमिषा ने अपने अपने बचाव पक्ष में कहा की दलाल अल मंहदी उन्हें प्रताड़ित करता था और दुसरो के सामने उन्हें अपनी पत्नी बताकर अपमानित किया करता था और अपने दोस्तों के साथ जबरन सम्बन्ध बनाने का दबाव बनाता था I
भारत के सुप्रीम कोर्ट का सहयोग
निमिषा प्रिया को बचाने के लिए निमिषा के परिवार वाले भारत के सुप्रीम कोर्ट के दरवाजा तक पहुँच गए इस लिए भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को इसका सुनवाई करेगी की क्या निमिषा को बचाने का कोई उपाय हो तो बचाया जाये और भारत का विदेश मंत्रालय को इस मामले में हस्तक्षेप करवाया जाये I
Er Chhotelal Uraow
Admin/Chief editor: Informationguide.in